विदेशी निवेशकों की नई रणनीति! इन 7 शेयरों पर लगा रहे हैं बड़ा दांव
मार्च 2026 तिमाही में विदेशी निवेशकों का रुख साफ तौर पर बदलता दिखा है। बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक Foreign Portfolio Investors (FPIs) अब पूरे बाजार में पैसा लगाने के बजाय चुनिंदा सेक्टर और कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं। यह जानकारी ACE Equity के आंकड़ों से सामने आई है।
कंजम्प्शन स्टोरी पर बड़ा दांव
इस तिमाही में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी Vishal Mega Mart में देखने को मिली। FPIs ने अपनी हिस्सेदारी 6.48 प्रतिशत बढ़ाकर 22% कर ली। यह भारत की कंजम्प्शन ग्रोथ स्टोरी पर भरोसे का संकेत है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 9% गिर चुका है, जिससे साफ है कि FPI खरीदारी हमेशा तुरंत रिटर्न में नहीं बदलती।
एक्सचेंज और फाइनेंस सेक्टर में भरोसा
Multi Commodity Exchange of India (MCX) में भी विदेशी निवेशकों ने हिस्सेदारी 5.43% बढ़ाकर 26.07% कर दी। इस साल अब तक MCX का शेयर 25% चढ़ चुका है, जो मजबूत निवेश भरोसा दिखाता है।
हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में Home First Finance Company India में FPI हिस्सेदारी 4.90% बढ़कर 45.72% पहुंच गई, जबकि स्टॉक ने 7% रिटर्न दिया।
इंफ्रा और इंडस्ट्रियल कंपनियां भी रडार पर
इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी APL Apollo Tubes में विदेशी निवेश 4.40% बढ़कर 37.50% हो गया और शेयर 11% चढ़ा। वहीं, केबल निर्माता Polycab India में 3.39% की हिस्सेदारी बढ़ोतरी के साथ स्टॉक ने 5% का सीमित रिटर्न दिया।
केमिकल सेक्टर में दबाव
कुछ सेक्टर में FPI की खरीदारी के बावजूद शेयर कमजोर रहे। Clean Science and Technology में हिस्सेदारी बढ़ी, लेकिन स्टॉक 13% गिर गया। इसी तरह UPL Ltd में 2.94% हिस्सेदारी बढ़ने के बावजूद शेयर 18% टूट गया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
यह ट्रेंड साफ करता है कि FPIs अब कंजम्प्शन, फाइनेंस और इंफ्रा सेक्टर पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। लेकिन उनका निवेश तुरंत मुनाफा देगा, इसकी गारंटी नहीं है। शेयरों का प्रदर्शन अभी भी कंपनी की कमाई, सेक्टर की स्थिति और ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर रहेगा।
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